Rudraksha

रुद्राक्ष

रुद्राक्ष एक ऊर्जा का प्रतिबिंब होता है जिसको धारण करने से जीवन में सुख समृद्धि ऐश्वर्य रोग दोष का निवारण होता है रुद्राक्ष भगवान शिव के अश्रु से बना एक ऐसा फल है जिसके धारण करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है अगर इसका इस्तेमाल विधि-विधान से किया जाए तो यह बहुत ही सकारात्मक प्रभाव हमारे जीवन में देता है अमूमन यह रुद्राक्ष भारत नेपाल इंडोनेशिया जैसी जगहों पर पाया जाता है एक मुखी रुद्राक्ष से लेकर 21 मुखी रुद्राक्ष तक यह प्राय:होते हैं इन रुद्राक्ष का प्रयोग हमें राशि मुहूर्त अथवा अभिमंत्रित करके धारण करना चाहिए जिससे जीवन में आ रहे कष्टों से निपटने की ऊर्जा बनी रहे तथा स्वास्थ्य की दृष्टि से भी रुद्राक्ष हमारे जीवन में बहुत अत्यधिक लाभ प्रदान करता है अब हमें यह समझना होगा कि कौन सा रुद्राक्ष किस कार्य के लिए उपयोग में लाया जाता है

1 मुखी रुद्राक्ष

एक मुखी रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र तथा ऊर्जावान माना जाता है इस रुद्राक्ष को धारण करने से पहले उसकी विधि विधान की जानकारी होना बहुत आवश्यक है इस रुद्राक्ष में भगवान रुद्र का वास होता है यह व्यक्ति विशेष को बहुत से लाभ प्रदान करता है सिंह लग्न अथवा सिंह राशि के जातकों के लिए यह विशेषता बहुत ही शुभकारी माना जाता है अतः इसे विशेष मुहूर्त में अभिमंत्रित करने के बाद धारण करने से जीवन में उन्नति होती है

2 मुखी रुद्राक्ष

दो मुखी रुद्राक्ष मन की शांति तथा उग्र स्वभाव के जातकों के लिए विशेषता अत्यंत ही शुभकारी है इस रुद्राक्ष को धारण करने से जातक का मन मस्तिष्क शांत रहता है तथा कर्क राशि अथवा वृषभ राशि वाले जातकों के लिए यह उत्तम फल देता है ॐ नमः शिवाय का जाप करके आप इसको सोमवार के दिन मुहूर्त के अनुसार धारण करना चाहिए

3 मुखी रुद्राक्ष

आत्मविश्वास खोए हुए अथवा दिशाहीन लोगों के लिए यह रुद्राक्ष बहुत ही उत्तम है इसको धारण करने से जीवन में आत्मविश्वास की कमी नहीं होती है तथा वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह रुद्राक्ष महत्वपूर्ण होता है अतः इस रुद्राक्ष को विशेष मुहूर्त के अंतर्गत ही धारण करना चाहिए

4 मुखी रुद्राक्ष

विद्या के क्षेत्र में उन्नति के लिए यह रुद्राक्ष उत्कृष्ट माना गया है इस रुद्राक्ष को ज्ञान का स्वरूप भी माना जाता है विशेषता विद्यार्थियों के लिए यह रुद्राक्ष बहुत अच्छा होता है कन्या तथा मिथुन राशि के जातकों के लिए यह रुद्राक्ष धारण करना बहुत ही श्रेष्ठ कर है

5 मुखी रुद्राक्ष

शारीरिक ऊर्जा तथा विभिन्न प्रकार के रोगों जैसे उच्च रक्तचाप अथवा मधुमेह जैसे रोगों से बचने अथवा उनका प्रभाव कम करने के लिए इस रुद्राक्ष को धारण करना चाहिए धनु अथवा मीन राशियों के जातकों के लिए यह रुद्राक्ष अत्यंत ही शुभ है विशेष मुहूर्त अथवा अभिमंत्रित करने के बाद ही इस रुद्राक्ष को धारण करना चाहिए

6 मुखी रुद्राक्ष

शत्रु भय से मुक्ति तथा आत्म बल बढ़ाने के लिए यह रुद्राक्ष धारण किया जाता है प्रेम संबंधी मामले अथवा सुखी दांपत्य जीवन के लिए भी यह रुद्राक्ष अत्यंत ही शुभ है तथा जिन जातकों की कुंडली में शुक्र की स्थिति सही नहीं है वह छह मुखी रुद्राक्ष धारण कर सकते हैं तथा वृषभ अथवा तुला राशि के जातकों के लिए 6 मुखी रुद्राक्ष महत्वपूर्ण होता है

7 मुखी रुद्राक्ष

व्यापार में हो रहे हानि से निपटने के लिए सात मुखी रुद्राक्ष बहुत ही लाभदायक है इस रुद्राक्ष को धारण करने से माता लक्ष्मी की कृपा उन पर बनी रहती है धन के नए रास्ते खुलते हैं इसको धारण करने से हड्डियों की संबंधित समस्याएं भी दूर हो जाती हैं ॐ नमः शिवाय का जाप करके सोमवार के दिन विशेष मुहूर्त में आप इसे धारण कर सकते हैं

8 मुखी रुद्राक्ष

8 मुखी रुद्राक्ष के स्वामी भगवान गणेश को माना गया है इसीलिए इसे धारण करने से ज्ञान बुद्धि धन के साथ-साथ यश में भी उन्नति होती है राहु दोष दूर करने के लिए भी सात मुखी रुद्राक्ष बहुत ही उपयोगी है चर्म रोग तथा पैरों में दर्द श्वास रोग में भी 8 मुखी रुद्राक्ष से बहुत लाभ मिलता है इसको धारण करने से तंत्र मंत्र भूत प्रेत का भय नहीं रहता है अतः आप इस रुद्राक्ष को विशेष मुहूर्त में धारण करें

9 मुखी रुद्राक्ष

हम मानसिक सुख-शांति तथा यश कीर्ति की उन्नति के लिए धारण कर सकते हैं इसके अलावा केतु के दशा के दौरान अगर यह कुंडली में केंद्र त्रिकोण स्थान में बैठे हैं तो आप 9 मुखी रुद्राक्ष धारण कर सकते हैं अतः इस रुद्राक्ष को आप विधि विधान से ॐ नमः शिवाय का जाप करके ही धारण कीजिएगा

10 मुखी रुद्राक्ष

10 मुखी रुद्राक्ष नकारात्मक ऊर्जा तथा कुंडली में छाया ग्रहों का दुष्प्रभाव से बचाव के लिए 10 मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ माना गया है 10 मुखी रुद्राक्ष विष्णु भगवान को प्रसन्न करने के लिए भी धारण किया जाता है जिसके पहनने से जीवन में आ रही बाधाएं दूर हो जाती हैं विशेष मुहूर्त तथा अभिमंत्रित करके धारण करना अनिवार्य है

11 मुखी रुद्राक्ष

11 मुखी रुद्राक्ष विशेषतः शुभ सूचक का आधार माना जाता है इस रुद्राक्ष को धारण करने से कई प्रकार के रोग दोष का निवारण होता है राजनीति क्षेत्र में लाभ के लिए या विजय प्राप्ति के लिए यह अत्यंत ही शुभकारी है श्रावण के मास में इस रुद्राक्ष को धारण करना अत्यंत शुभ माना जाता है

12 मुखी रुद्राक्ष

आत्म बल और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए 12 मुखी रुद्राक्ष धारण किया जाता है यह रुद्राक्ष सूर्य से संबंधित भी है जिस प्रकार सूर्य हमारी आत्मा का कारक होता है उसी प्रकार कुंडली में सूर्य के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए इसको धारण करना बहुत ही शुभ माना गया है लेकिन बिना अभिमंत्रित करके धारण करना अनुचित है तथा गर्भवती स्त्री और बच्चों को भी यह रुद्राक्ष धारण नहीं करना चाहिए

13 मुखी रुद्राक्ष

13 मुखी रुद्राक्ष दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए धारण किया जाता है इस रुद्राक्ष को धारण करने से पारिवारिक दृष्टिकोण से संबंधित समस्याओं का निदान होता है घर में सुख शांति बनी रहती है तथा जिस घर में सुख शांति बनी रहती है वहां स्वयं लक्ष्मी जी निवास करती हैं यह रुद्राक्ष सुख समृद्धि का प्रतीक है अतः विशेष मुहूर्त में विधि-विधान करके इसको धारण करना चाहिए

14 मुखी रुद्राक्ष

14 मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से कार्य के क्षेत्र में उन्नति तथा व्यापार में शीघ्र लाभ मिलता है शनि के दुष्प्रभाव से बचने के लिए यह रुद्राक्ष अत्यंत ही प्रभावी माना गया है अगर किसी जातक की साढ़ेसाती या शनि की ढैया चल रही है तो 14 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए जिससे जीवन में उर्जा का संचार बना रहे अतः इस रुद्राक्ष को विशेष मुहूर्त के अनुसार ही धारण करना चाहिए